
राजेश शर्मा, जयगांव २३ अप्रैल : जीटीए के समर्थन में नागराकाटा में ज्वाइन्ट को-आर्डिनेशन कमेटी को रविवार को जनसभा करने की अनुमति नहीं मिलने के विरूद्ध तराई-डुवार्स में सोमवार से शुरु हुए बेमियादी बंद का पहला दिन आगजनी और हिंसा का गवाह बना। उदलाबाड़ी, रेडबैक चाय बगान के निकट तथा बानरहाट में आंदोलनकारियों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुआ। पंद्रह दुकानों और दो मालवाहक वाहनों को आग के हवाला कर दिया गया। पुलिस को भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए आंसू गैस और हवा में गोलियां चलानी पड़ी।
जलपाईगुड़ी जिलाधिकारी एस महापात्र ने कहा कि स्थिति नाजुक है। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दिया गया है। एसएसबी की एक बटालियन को बानरहाट में बुलाकर गस्त प्रारंभ किया है। हिंसा और आगजनी के दौरान 82 बंद समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बागडोगरा में पुलिस पर लाठी चार्ज किए जाने का आरोप बंद समर्थकों ने लगाया है। बागडोगरा में 39, सुकना सालबाड़ी में 20, भक्तिनगर थाना क्षेत्र में 14 ,नक्सलबाड़ी में पांच और बानरहाट में चार प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सिलीगुड़ी से हिल्स की ओर जाने वाले वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। सालुगाड़ा बाजार से पहले ही सभी वाहनों को रोक दिया। बंद के दौरान तराई डुवार्स में वाहनों का परिचालन ठप रहा।
दिन के तीन बजे बाद पर्यटकों और सिक्किम जाने वाले वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने जाने की अनुमति दी। चाय बगानों में मिश्रित प्रभाव रहा। बंद समर्थकों ने जहां बंद को मांगे गये मौजे में सौ प्रतिशत सफल बताया है वहीं विरोधियों ने इसे विफल बताया है। घटनाक्रम में बताया गया है कि बानरहाट में सोमवार को 11 बजे बंद विरोधी एवं समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसे रोकने के लिए पुलिस ने दस राउंड हवाई फायरिंग की। हिंसा पर उतारू लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने के साथ ही बंद समर्थकों द्वारा बानरहाट में करीब 15 दुकानों में आग लगा दी। इस दौरान दो व्यवसायियों के घायल होने के साथ ही कई बंद विरोधी व समर्थकों के भी घायल होने की सूचना है। चामुर्ची स्थित जॉन बारला के पार्टी कार्यालय को फूंके जाने, डुवार्स क्षेत्र के रेडबैंक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक तथा दूसरा ट्रक बानरहाट आरआर कालोनी में फूंका गया। इसके साथ ही दो बाइकें भी फूंकी गई जिनमें एक बंद समर्थक की तथा दूसरी बंद विरोधी की बताई जाती है।
बानरहाट चामुर्ची इलाके के कई चाय बगान बंद रहे तो कुछ चाय बागानों में श्रमिकों की उपस्थिति कम रही। चामुर्ची बानरहाट इलाका बंद रहा। सड़कों पर वाहन नहीं दौड़े। चामुर्ची इलाके के कठालगुड़ी, न्यूडवार्स, पलासवाड़ी चाय बगान बंद दिखे।
बंद के समर्थन में जगह-जगह जीटीए समर्थकों द्वारा पिकटिग भी की गई थी। बिन्नागुड़ी बाजार में बंद का प्रभाव नहीं दिखा। बंद को लेकर बानरहाट में आज दिनभर स्थिति तनावपूर्ण रही। वैसे वीरपाड़ा, मदारीहाट, कालचीनी व जयगांव में बंद शांतिपूर्ण रहा जब कि मालबाजार क्षेत्र में बंद का बहुत कम असर रहा। बिन्नागुड़ी में प्रात:काल में तो दुकानें खुलीं मगर जैसे ही बानरहाट की घटना की सूचना मिली वैसे ही यहां की दुकानें बंद हो गईं। डुवार्स क्षेत्र में अधिकतर स्थानों पर सरकारी कार्यालय तो खुले मगर उनमें उपस्थिति नगण्य रही। सड़कों पर वाहन नहीं चले। जिससे बाहर से आने अथवा जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बानरहाट में दुकानों में लगी आग व हिंसक घटनाओं के संबंध में गोजमुमो नेता व विधायक डा.हर्क बहादुर क्षेत्री से जब आज के बंद के संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व गोजमुमो को बदनाम करने के लिए यह साजिशपूर्ण ढंग से घटना की गई। नई सरकार बनने पर बेहतर प्रशासन की बात कही गई थी जिसे बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
बंद के विरोध में आविप के आंचलिक महासचिव राजेश लाकड़ा ने कहा कि हमने पहले ही कह दिया था कि विमल पहाड़ से यहां आकर अशांति फैला रहे हैं। पुलिस प्रशासन से विमल को वापस पहाड़ भेजने के लिए भी कहा गया था मगर पुलिस ने नहीं सुना। उन्होंने आज की घटना के लिए विमल गुरुंग व राज्य सरकार को दोषी ठहराया। आविप नेता लुइस हासापूर्ति ने कहा कि यह सब सरकार व मोर्चा की मिलीभगत से हुआ है। पुलिस चाहती तो यह घटना रूक सकती थी। आंदोलनकारियों ने सभा की अनुमति नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया है।
आज के बन्द में हुआ घटना का दोशि प्रशासन एंव बिपक्षी- जोन बारला
राजेश शर्मा, कालिमन्युज, जयगांव २३ अप्रैल : आज के प्रथम दिन के ज्वान्ट ऐक्सन कमिटि के प्रमुख जोन बारला बिगत २१ साम से अतंराष्टीय सिमा जयगांव में है ,जब कि इस आज के ज्वान्ट ऐक्सनट कमिटि एंव गोजामुमो के सयूक्त बन्द के प्रथम दिन के बन्द की दौरान बानरहाट, उदलाबारी में हुइ घटना के संबध में जयगांव के एक होटल में दैनिक जागरण के भेट का दौरान सवाल कर में दि जानकारी में उन्हो ने अपने उत्तर में सिधा निसाना प्रशासन एंव बिपक्षी बिर्सा तिर्की के गुठ को ठहराया है ।
उन्होने कहां है भारत हमारा एक लोकतंत्र का बिशाल देश माना जाता है जब कि इस देश का सबिधान में हर नागरीक को जनसभा करना एंव आवस्यक बिशय सरकार के समक्ष मांगना ह्क है । पिछले दिनों से हम नगरकटा में जनसभा करनेका अनुमति माग रहे है परन्तु सरकार हमारे मांग को अनदेखी कर के बिपक्षी का बन्द का अनुमति दे दिया जब कि हमारी समय में बन्द करने का अनुमति नही दि जीस के बदले आज मजबूरन होकर ज्वान्ट ऐक्सनट कमिटि होकर डुर्वास एंव तराई में बन्द बुलाया था जो कि बिगत दिनों में हि समाचार पत्रिका से सुचित किया गया था मगर आज बिर्सा तिर्की के कुछ लोगो ने बानर हाट में घटना किया है जो मेरे लोग ऐसे काम नहि करता है त उनों लोगों ने बानरहाट के बारला र्कायलय का भि क्षति किया है यह सोच ने वाले बात है।
मेरे लोग होते तो मेरी अफिस को भि तोड्फोड् करता इसे साफ हुआ है यह काम बिरोधी गुठ का है जिसे शान्ती रुप से चल रहा आन्दोलन को बिगाड् ने का काम किया जा रहा है, जो कि जोन बारला के लोग है वह शान्ती चाहता है एंव बिकास जैसा काम जनता के लिऐ चाहता है उस के लिऐ गोजमुमो के साथ सम्झोता किया है।
हमारा २२ का जन सभा करने का खास मक्सद था डुर्वास के जनता को जिटिऐ बन्ने से कितना फईदा एंव कितना बिकास होता उस सभि बाततो को जन्ता के सामने खुलासा करना था परन्तु सरकार ने जनसभा का अनुमति अपने स्थान में करने का ना मन्जुरी दिखाई है इसे यह पता चलता है यह गणतंत्र का देश में गणतंत्रका हना वा हत्या कहां जाता है जा आज के जिस तरह का घटना हुआ उस का पुरा जिम्मावारी है अगर अनुमति देता तो आज बन्द ही नही होता -बताया गया है । अन्त में उन्हो से बन्द क्या वापिस करेंगे पुछे जाने पर उन्होने सिधा रुप में कहां है हमारा मांग पूरी ना होने तक बन्द यथावत हि चलेगा ।
प्रोग्रेशिभ टि वरकर के अध्यक्ष सुक्रा मुण्डा दुरभास में कहां गया है इस घटना के संबध में प्रोग्रेशिभ टि वरकर के अध्यक्ष सुक्रा मुण्डा से पुछे जाने पर उनो ने भि सरकार एंव प्रशासन को दोशी ठहराया है । उन का भि यहि कहना है कि बानरहाट के बारला र्कायलय का भि क्षति किया है यह सोचने वाले बात है जो अपने नेता का हि कार्यलय कैसे क्षती पहुचा जाऐगा इसे यह पता चलता है यह काम बिपक्षी का है तथा हम लोग यह भि कहते है क्या अन्य पार्टी बन्द कर सकते है तो हम लोग क्यो बन्द कर नही सक्ते है ?
हमारा मांग को सरकार पुरा करे यह मांग है ।बन्दका असर आज नेस्नल हाईवे ३१ ऐ सिलिगुडी एंव आसाम लगायत भारत भूटान सिमा को अचल देखा गया जब कि आज के बन्द से भारत के मित्र राष्ट को पूरी तरह से प्रभाव किया था जब कि भूटान से आम जनता पैदल भारत कि और आरहा था परन्तु वाहन चलना पूरी तरह से बन्द था और् भूटान सरकार ने भूटान गेट को सिल किया गया था । बताया जाता है अलिपूरव्दार से सिलिगडी तक चलनेवाले रेल सेवा पूरी तरह से ठप था जिस के चलते काफी यात्री को दिकते का सामना करना पडा।आज के बन्द में प्रथम बार नेस्नल हाइवे को पुरी तरह से अचल किया गया था । जयगाव के एक होटल में ठहरे गोजमुमो अध्यक्ष से आज के बन्द के संबध में सवाल करने पर उन्होने कहां है आज के बन्द ज्वान्ट ऐक्सनट कमिटि ने बुलाया है तथा आज के घटना का जानकारी ज्वान्ट ऐक्सनट कमिटि के प्रमुख जोन बारला हि बता पाएगा तथा उन से बात चित करने का सलाह् दिया है।
गोजमुमो सह सचिव बिनय तामंग ने जयगांव के उक्त बात एक होटल में दैनिक जागरण को बताया कि आज के घटना से यह देखा गया है कि डुर्वास में आदीवासि एंव गोरखा को अपना अधिकार वा हक का मांग करने में सरकार कभि भि सहि कदम नही लेते है इसे डुर्वास में आदीवासि एंव गोरखा के साथ अन्याय् कर रहे है ।